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श्लोक  7.2.1 
तस्य तद् वचनं श्रुत्वा राघवस्य महात्मन:।
कुम्भयोनिर्महातेजा वाक्यमेतदुवाच ह॥ १॥
 
 
अनुवाद
महात्मा रघुनाथजी का वह प्रश्न सुनकर महाकुंभयोनि अगस्त्य ने उनसे इस प्रकार कहा-॥1॥
 
Hearing that question from Mahatma Raghunathji, the great Kumbhayoni Agastya said to him thus -॥ 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)