Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.18.29: मेरे राज्य यमलोक में भूख से पीड़ित हुए पुत्र आदि मनुष्य जब इस पृथ्वी पर तुम्हें भोजन कराएँगे, तब वे अपने बन्धु-बान्धवों सहित पूर्णतया तृप्त हो जाएँगे। ॥29॥ | ramayan सर्ग 7.18: रावण द्वारा मरुत्त की पराजय तथा इन्द्र आदि देवताओं का मयूर आदि पक्षियों को वरदान देना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ये च मद्विषयस्था वै मानवा: क्षुधयार्दिता:।
त्वयि भुक्ते सुतृप्तास्ते भविष्यन्ति सबान्धवा:॥ २९॥
अनुवाद
मेरे राज्य यमलोक में भूख से पीड़ित हुए पुत्र आदि मनुष्य जब इस पृथ्वी पर तुम्हें भोजन कराएँगे, तब वे अपने बन्धु-बान्धवों सहित पूर्णतया तृप्त हो जाएँगे। ॥29॥
"When the sons and other humans who are suffering from hunger in my kingdom, Yamaloka, offer you food on this earth, then they, along with their relatives, will become completely satisfied." ॥ 29॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥