Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 7.18.11: तब राजा मरुत्त ने रावण से कहा, 'तुम धन्य हो, जिन्होंने युद्धभूमि में अपने बड़े भाई को परास्त कर दिया।   |   ramayan सर्ग 7.18: रावण द्वारा मरुत्त की पराजय तथा इन्द्र आदि देवताओं का मयूर आदि पक्षियों को वरदान देना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 18: रावण द्वारा मरुत्त की पराजय तथा इन्द्र आदि देवताओं का मयूर आदि पक्षियों को वरदान देना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  7.18.11 
ततो मरुत्त: स नृपस्तं रावणमथाब्रवीत्।
धन्य: खलु भवान् येन ज्येष्ठो भ्राता रणे जित:॥ ११॥
 
 
अनुवाद
तब राजा मरुत्त ने रावण से कहा, 'तुम धन्य हो, जिन्होंने युद्धभूमि में अपने बड़े भाई को परास्त कर दिया।
 
Then King Marutta said to Ravana, 'Blessed are you who defeated your elder brother on the battlefield.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)