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श्लोक 7.15.14  |
ताडितो माणिभद्रस्य मुकुटे प्राहरद् रणे।
तस्य तेन प्रहारेण मुकुटं पार्श्वमागतम्॥ १४॥ |
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| अनुवाद |
| रावण ने युद्धस्थल में घायल होकर मणिभद्र के मुकुट पर प्रहार किया, जिससे उसका मुकुट फिसलकर बगल में गिर गया॥14॥ |
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| After being hurt, Raavan attacked Manibhadra's crown on the battlefield. Due to that attack, his crown slipped and fell to his side.॥ 14॥ |
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