Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.14.23: दो घड़ी के बाद होश में आने पर रात्रिचर मारीच विश्राम से लौटकर यक्ष से युद्ध करने लगा। तब यक्ष भाग गया॥23॥ | ramayan सर्ग 7.14: मन्त्रियों सहित रावण का यक्षों पर आक्रमण और उनकी पराजय । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ससंज्ञस्तु मुहूर्तेन स विश्रम्य निशाचर:।
तं यक्षं योधयामास स च भग्न: प्रदुद्रुवे॥ २३॥
अनुवाद
दो घड़ी के बाद होश में आने पर रात्रिचर मारीच विश्राम से लौटकर यक्ष से युद्ध करने लगा। तब यक्ष भाग गया॥23॥
After regaining consciousness after two hours, the night-timer Marich returned from his rest and began fighting with the Yaksha. Then the Yaksha fled away.॥23॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥