श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 14: मन्त्रियों सहित रावण का यक्षों पर आक्रमण और उनकी पराजय  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  7.14.21 
एतस्मिन्नन्तरे राम विस्तीर्णबलवाहन:।
प्रेषितो न्यपतद् यक्षो नाम्ना संयोधकण्टक:॥ २१॥
 
 
अनुवाद
"श्री राम! इसी बीच कुबेर द्वारा भेजा गया संयोगकण्टक नामक एक यक्ष वहाँ आ पहुँचा। उसके साथ एक विशाल सेना और घोड़े थे।"
 
Shri Ram! In the meanwhile a Yaksha named Sanyodhakantak sent by Kubera reached there. He had a large army and horses with him.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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