Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.13.8: जब कुंभकर्ण सो गया, तो दस सिर वाला रावण अनियंत्रित हो गया और उसने देवताओं, ऋषियों, यक्षों और गंधर्वों के समूहों को मारना और उन्हें पीड़ा देना शुरू कर दिया। | ramayan सर्ग 7.13: रावण द्वारा बनवाये गये शयनागार में कुम्भकर्ण का सोना, रावण का अत्याचार, कुबेर का दूत भेजकर उसे समझाना तथा कुपित हुए रावण का उस दूत को मार डालना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
निद्राभिभूते तु तदा कुम्भकर्णे दशानन:।
देवर्षियक्षगन्धर्वान् संजघ्ने हि निरङ्कुश:॥ ८॥
अनुवाद
जब कुंभकर्ण सो गया, तो दस सिर वाला रावण अनियंत्रित हो गया और उसने देवताओं, ऋषियों, यक्षों और गंधर्वों के समूहों को मारना और उन्हें पीड़ा देना शुरू कर दिया।
When Kumbhakarna fell asleep, the ten-headed Ravana became unruly and began killing and tormenting groups of gods, sages, Yakshas and Gandharvas.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥