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ramayan 7.13.7: महाबली कुंभकर्ण उस घर में गया और हजारों वर्षों तक सोता रहा। वह जागने में असमर्थ था।   |   ramayan सर्ग 7.13: रावण द्वारा बनवाये गये शयनागार में कुम्भकर्ण का सोना, रावण का अत्याचार, कुबेर का दूत भेजकर उसे समझाना तथा कुपित हुए रावण का उस दूत को मार डालना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 13: रावण द्वारा बनवाये गये शयनागार में कुम्भकर्ण का सोना, रावण का अत्याचार, कुबेर का दूत भेजकर उसे समझाना तथा कुपित हुए रावण का उस दूत को मार डालना  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  7.13.7 
तत्र निद्रां समाविष्ट: कुम्भकर्णो महाबल:।
बहून्यब्दसहस्राणि शयानो न च बुध्यते॥ ७॥
 
 
अनुवाद
महाबली कुंभकर्ण उस घर में गया और हजारों वर्षों तक सोता रहा। वह जागने में असमर्थ था।
 
The mighty Kumbhakarna went into that house and fell asleep for thousands of years. He was unable to wake up.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)