श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 13: रावण द्वारा बनवाये गये शयनागार में कुम्भकर्ण का सोना, रावण का अत्याचार, कुबेर का दूत भेजकर उसे समझाना तथा कुपित हुए रावण का उस दूत को मार डालना  »  श्लोक 40
 
 
श्लोक  7.13.40 
एवमुक्त्वा तु लङ्केशो दूतं खड्गेन जघ्निवान्।
ददौ भक्षयितुं ह्येनं राक्षसानां दुरात्मनाम्॥ ४०॥
 
 
अनुवाद
यह कहकर रावण ने अपनी तलवार से दूत के दो टुकड़े कर दिए और उसकी लाश दुष्ट राक्षसों को खाने के लिए दे दी।
 
Saying this, Ravana cut the messenger into two pieces with his sword and gave his corpse to the evil demons to eat.
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd