श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 13: रावण द्वारा बनवाये गये शयनागार में कुम्भकर्ण का सोना, रावण का अत्याचार, कुबेर का दूत भेजकर उसे समझाना तथा कुपित हुए रावण का उस दूत को मार डालना  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  7.13.39 
एतन्मुहूर्तमेवाहं तस्यैकस्य तु वै कृते।
चतुरो लोकपालांस्तान् नयिष्यामि यमक्षयम्॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
मैं इसी क्षण एक व्यक्ति के अपराध के कारण चारों लोकपालों को यमलोक भेज दूँगा।’ ॥39॥
 
In this very moment I will send all the four guardians of the world to Yamaloka due to the crime of one person.' ॥ 39॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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