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ramayan 7.13.38: लेकिन अब, उनकी बात सुनने के बाद, मैंने निर्णय लिया है कि मैं अपनी शारीरिक शक्ति पर भरोसा करूंगा और तीनों लोकों पर विजय प्राप्त करूंगा।’ 38   |   ramayan सर्ग 7.13: रावण द्वारा बनवाये गये शयनागार में कुम्भकर्ण का सोना, रावण का अत्याचार, कुबेर का दूत भेजकर उसे समझाना तथा कुपित हुए रावण का उस दूत को मार डालना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 13: रावण द्वारा बनवाये गये शयनागार में कुम्भकर्ण का सोना, रावण का अत्याचार, कुबेर का दूत भेजकर उसे समझाना तथा कुपित हुए रावण का उस दूत को मार डालना  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  7.13.38 
तस्य त्विदानीं श्रुत्वा मे वाक्यमेषा कृता मति:।
त्रीँल्लोकानपि जेष्यामि बाहुवीर्यमुपाश्रित:॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
लेकिन अब, उनकी बात सुनने के बाद, मैंने निर्णय लिया है कि मैं अपनी शारीरिक शक्ति पर भरोसा करूंगा और तीनों लोकों पर विजय प्राप्त करूंगा।’ 38
 
But now, after listening to him, I have decided that I will rely on my physical strength and conquer the three worlds.' 38
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)