Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.13.24: ‘उस समय देवी के दिव्य प्रभाव से मेरी बाईं आँख जल गई और दूसरी आँख (दाईं आँख) भी धूल से भरकर लाल हो गई॥ 24॥ | ramayan सर्ग 7.13: रावण द्वारा बनवाये गये शयनागार में कुम्भकर्ण का सोना, रावण का अत्याचार, कुबेर का दूत भेजकर उसे समझाना तथा कुपित हुए रावण का उस दूत को मार डालना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
‘उस समय देवी के दिव्य प्रभाव से मेरी बाईं आँख जल गई और दूसरी आँख (दाईं आँख) भी धूल से भरकर लाल हो गई॥ 24॥
‘Due to the divine influence of the Goddess at that time my left eye got burnt and the other eye (right eye) too became red in colour, as if filled with dust.॥ 24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥