Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.13.15: जब राजा रावण दरबार में अपने तेज से शोभायमान हो रहा था, तब दूत ने उसे देखकर ‘राजा की जय हो’ कहकर उसका अभिवादन किया और फिर कुछ देर तक चुपचाप खड़ा रहा॥ 15॥ | ramayan सर्ग 7.13: रावण द्वारा बनवाये गये शयनागार में कुम्भकर्ण का सोना, रावण का अत्याचार, कुबेर का दूत भेजकर उसे समझाना तथा कुपित हुए रावण का उस दूत को मार डालना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब राजा रावण दरबार में अपने तेज से शोभायमान हो रहा था, तब दूत ने उसे देखकर ‘राजा की जय हो’ कहकर उसका अभिवादन किया और फिर कुछ देर तक चुपचाप खड़ा रहा॥ 15॥
When King Ravana was radiating with his brilliance in the court, the messenger saw him and greeted him with his words saying 'Victory to the king' and then he stood quietly for some time.॥ 15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥