श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 111: रामायण- काव्य का उपसंहार और इसकी महिमा  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  7.111.8 
एतदाख्यानमायुष्यं पठन् रामायणं नर:।
सपुत्रपौत्रो लोकेऽस्मिन् प्रेत्य चेह महीयते॥ ८॥
 
 
अनुवाद
यह रामायण नामक महाकाव्य आयुवर्धक है। जो मनुष्य प्रतिदिन इसका पाठ करता है, वह इस लोक में पुत्र-पौत्रादि प्राप्त करता है और मरने के बाद परलोक में भी महान् सम्मान प्राप्त करता है। 8॥
 
This epic poem called Ramayana is age enhancing. The person who recites it every day, gets sons and grandchildren in this world and after death, he gets great respect in the next world also. 8॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd