श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 111: रामायण- काव्य का उपसंहार और इसकी महिमा  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  7.111.10 
अयोध्यापि पुरी रम्या शून्या वर्षगणान् बहून्।
ऋषभं प्राप्य राजानं निवासमुपयास्यति॥ १०॥
 
 
अनुवाद
(श्री रघुनाथजी के परमधाम चले जाने के बाद) सुन्दर अयोध्यापुरी भी बहुत वर्षों तक वीरान रहेगी। फिर राजा ऋषभ के समय में वह आबाद होगी॥10॥
 
(After Shri Raghunathji departs to the Supreme Abode) the beautiful Ayodhyapuri will also remain deserted for many years. Then it will be inhabited during the time of King Rishabh.॥10॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd