Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.110.20-22h: देवताओं से उत्पन्न हुए वानर और भालू अपनी-अपनी जाति में विलीन हो गए - जिन देवताओं से वे उत्पन्न हुए थे, उन्हीं में प्रविष्ट हो गए। सुग्रीव सूर्यमण्डल में प्रविष्ट हो गए। इसी प्रकार अन्य वानर भी समस्त देवताओं के समक्ष अपने-अपने पिताओं के स्वरूप को प्राप्त हुए। ॥20-21 1/2॥ | ramayan सर्ग 7.110: भाइयों सहित श्रीराम का विष्णुस्वरूप में प्रवेश तथा साथ आये हुए सब लोगों को संतानक- लोक की प्राप्ति । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
देवताओं से उत्पन्न हुए वानर और भालू अपनी-अपनी जाति में विलीन हो गए - जिन देवताओं से वे उत्पन्न हुए थे, उन्हीं में प्रविष्ट हो गए। सुग्रीव सूर्यमण्डल में प्रविष्ट हो गए। इसी प्रकार अन्य वानर भी समस्त देवताओं के समक्ष अपने-अपने पिताओं के स्वरूप को प्राप्त हुए। ॥20-21 1/2॥
The monkeys and bears who were born from the gods, merged into their own species - they entered the gods from whom they were born. Sugreeva entered the solar system. Similarly, the other monkeys also attained the form of their respective fathers in front of all the gods. ॥20-21 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥