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ramayan 7.110.16: तत्पश्चात् विष्णु रूप में विराजमान परम तेजस्वी श्री राम ने ब्रह्माजी से कहा - 'हे व्रत का पालन करने वाले श्रेष्ठ! आप इस सम्पूर्ण समुदाय को भी उत्तम लोक प्रदान करें।'   |   ramayan सर्ग 7.110: भाइयों सहित श्रीराम का विष्णुस्वरूप में प्रवेश तथा साथ आये हुए सब लोगों को संतानक- लोक की प्राप्ति   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 110: भाइयों सहित श्रीराम का विष्णुस्वरूप में प्रवेश तथा साथ आये हुए सब लोगों को संतानक- लोक की प्राप्ति  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  7.110.16 
अथ विष्णुर्महातेजा: पितामहमुवाच ह।
एषां लोकं जनौघानां दातुमर्हसि सुव्रत॥ १६॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् विष्णु रूप में विराजमान परम तेजस्वी श्री राम ने ब्रह्माजी से कहा - 'हे व्रत का पालन करने वाले श्रेष्ठ! आप इस सम्पूर्ण समुदाय को भी उत्तम लोक प्रदान करें।'
 
After that, the most brilliant Shri Ram sitting in the form of Vishnu said to Brahmaji - 'O great one who observes the fast! May you provide the best world to this entire community also.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)