Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.110.14: तत्पश्चात् दिव्य ऋषिगण, गन्धर्व, अप्सराएँ, गरुड़, नाग, यक्ष, दैत्य, दानव और राक्षस भी भगवान् का गुणगान करने लगे॥14॥ | ramayan सर्ग 7.110: भाइयों सहित श्रीराम का विष्णुस्वरूप में प्रवेश तथा साथ आये हुए सब लोगों को संतानक- लोक की प्राप्ति । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ये च दिव्या ऋषिगणा गन्धर्वाप्सरसश्च या:।
सुपर्णनागयक्षाश्च दैत्यदानवराक्षसा:॥ १४॥
अनुवाद
तत्पश्चात् दिव्य ऋषिगण, गन्धर्व, अप्सराएँ, गरुड़, नाग, यक्ष, दैत्य, दानव और राक्षस भी भगवान् का गुणगान करने लगे॥14॥
Thereafter, the divine sages, Gandharvas, Apsaras, Garuda, Nagas, Yakshas, Daityas, Demons and Rakshasas also started singing praises of the Lord. 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥