श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 11: रावण का संदेश सुनकर पिता की आज्ञा से कुबेर का लङ्का को छोड़कर कैलास पर जाना, लङ्का में रावण का राज्याभिषेक तथा राक्षसों का निवास  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  7.11.9 
त्वं च लङ्केश्वरस्तात भविष्यसि न संशय:।
त्वया राक्षसवंशोऽयं निमग्नोऽपि समुद‍्धृत:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
‘पिताजी! इसमें संदेह नहीं है कि आप लंका के अधिपति होंगे, क्योंकि आपने रसातल में डूबे हुए इस राक्षस कुल का उद्धार किया है।
 
‘Father! There is no doubt that you will be the ruler of Lanka, because you have saved this clan of demons who had drowned in the abyss.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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