श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 11: रावण का संदेश सुनकर पिता की आज्ञा से कुबेर का लङ्का को छोड़कर कैलास पर जाना, लङ्का में रावण का राज्याभिषेक तथा राक्षसों का निवास  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  7.11.8 
यदि नामात्र शक्यं स्यात् साम्ना दानेन वानघ।
तरसा वा महाबाहो प्रत्यानेतुं कृतं भवेत्॥ ८॥
 
 
अनुवाद
निर्दोष महाबाहो! यदि शांति, दान अथवा बल से भी लंका को वापस लिया जा सके, तो हमारा कार्य सिद्ध हो जाएगा।
 
Innocent Mahabaho! If Lanka can be taken back by peace, charity or even by force, then our task will be accomplished.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)