vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 7: उत्तर काण्ड
»
सर्ग 11: रावण का संदेश सुनकर पिता की आज्ञा से कुबेर का लङ्का को छोड़कर कैलास पर जाना, लङ्का में रावण का राज्याभिषेक तथा राक्षसों का निवास
»
श्लोक 8
श्लोक
7.11.8
यदि नामात्र शक्यं स्यात् साम्ना दानेन वानघ।
तरसा वा महाबाहो प्रत्यानेतुं कृतं भवेत्॥ ८॥
अनुवाद
निर्दोष महाबाहो! यदि शांति, दान अथवा बल से भी लंका को वापस लिया जा सके, तो हमारा कार्य सिद्ध हो जाएगा।
Innocent Mahabaho! If Lanka can be taken back by peace, charity or even by force, then our task will be accomplished.
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas