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ramayan 7.11.51: उस समय राक्षसों ने दस मुख वाले रावण को राजा के रूप में अभिषिक्त किया। फिर रावण उस नगरी में बस गया। कुछ ही समय में सम्पूर्ण लंकापुरी नीले बादल के समान वर्ण वाले राक्षसों से भर गई। 51.   |   ramayan सर्ग 7.11: रावण का संदेश सुनकर पिता की आज्ञा से कुबेर का लङ्का को छोड़कर कैलास पर जाना, लङ्का में रावण का राज्याभिषेक तथा राक्षसों का निवास   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 11: रावण का संदेश सुनकर पिता की आज्ञा से कुबेर का लङ्का को छोड़कर कैलास पर जाना, लङ्का में रावण का राज्याभिषेक तथा राक्षसों का निवास  »  श्लोक 51
 
 
श्लोक  7.11.51 
स चाभिषिक्त: क्षणदाचरैस्तदा
निवेशयामास पुरीं दशानन:।
निकामपूर्णा च बभूव सा पुरी
निशाचरैर्नीलबलाहकोपमै:॥ ५१॥
 
 
अनुवाद
उस समय राक्षसों ने दस मुख वाले रावण को राजा के रूप में अभिषिक्त किया। फिर रावण उस नगरी में बस गया। कुछ ही समय में सम्पूर्ण लंकापुरी नीले बादल के समान वर्ण वाले राक्षसों से भर गई। 51.
 
At that time the demons anointed the ten-faced Ravana as the king. Then Ravana settled in that city. Within a short time, the entire Lankapuri was completely filled with demons whose complexion was like that of a blue cloud. 51.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)