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ramayan 7.11.42-43h: वहाँ परम सुन्दर मंदाकिनी नदी बहती है, जिसका जल स्वर्णिम कमल, कुमुदिनी, उत्पल तथा सूर्य के समान चमकने वाले अन्य सुगन्धित पुष्पों से आच्छादित है। 42 1/2॥   |   ramayan सर्ग 7.11: रावण का संदेश सुनकर पिता की आज्ञा से कुबेर का लङ्का को छोड़कर कैलास पर जाना, लङ्का में रावण का राज्याभिषेक तथा राक्षसों का निवास   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 11: रावण का संदेश सुनकर पिता की आज्ञा से कुबेर का लङ्का को छोड़कर कैलास पर जाना, लङ्का में रावण का राज्याभिषेक तथा राक्षसों का निवास  »  श्लोक 42-43h
 
 
श्लोक  7.11.42-43h 
तत्र मन्दाकिनी रम्या नदीनामुत्तमा नदी।
काञ्चनै: सूर्यसंकाशै: पङ्कजै: संवृतोदका॥ ४२॥
कुमुदैरुत्पलैश्चैव अन्यैश्चैव सुगन्धिभि:।
 
 
अनुवाद
वहाँ परम सुन्दर मंदाकिनी नदी बहती है, जिसका जल स्वर्णिम कमल, कुमुदिनी, उत्पल तथा सूर्य के समान चमकने वाले अन्य सुगन्धित पुष्पों से आच्छादित है। 42 1/2॥
 
There flows the most beautiful river, Mandakini, whose waters are covered with golden lotuses, lilies, utpalas and other fragrant flowers that shine like the sun. 42 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)