Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.11.38-39h: बलवान दशग्रीव ने मुझसे भी यही बात कही थी। इसके लिए मैंने उस मूर्ख को बहुत डाँटा, डाँटा और बार-बार क्रोधपूर्वक कहा, 'अरे! ऐसा करने से तो तुम्हारा सर्वनाश हो जाएगा।' किन्तु इसका कोई परिणाम नहीं निकला। | ramayan सर्ग 7.11: रावण का संदेश सुनकर पिता की आज्ञा से कुबेर का लङ्का को छोड़कर कैलास पर जाना, लङ्का में रावण का राज्याभिषेक तथा राक्षसों का निवास । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
दशग्रीवो महाबाहुरुक्तवान् मम संनिधौ।
मया निर्भर्त्सितश्चासीद् बहुशोक्त: सुदुर्मति:॥ ३८॥
स क्रोधेन मया चोक्तो ध्वंससे च पुन: पुन:।
अनुवाद
बलवान दशग्रीव ने मुझसे भी यही बात कही थी। इसके लिए मैंने उस मूर्ख को बहुत डाँटा, डाँटा और बार-बार क्रोधपूर्वक कहा, 'अरे! ऐसा करने से तो तुम्हारा सर्वनाश हो जाएगा।' किन्तु इसका कोई परिणाम नहीं निकला।
The powerful Dashagriva had said the same thing to me. For this I rebuked that fool a lot, scolded him and repeatedly said angrily, 'Oh! By doing this you will be ruined' but it did not yield any result. 38 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥