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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 11: रावण का संदेश सुनकर पिता की आज्ञा से कुबेर का लङ्का को छोड़कर कैलास पर जाना, लङ्का में रावण का राज्याभिषेक तथा राक्षसों का निवास  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  7.11.34 
अविभक्तं त्वया सार्धं राज्यं यच्चापि मे वसु।
एवमुक्त्वा धनाध्यक्षो जगाम पितुरन्तिकम्॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
यह कहते हुए कि, 'मेरा राज्य और मेरी सारी संपत्ति आपके साथ विभाजित नहीं है,' कोषाध्यक्ष कुबेर अपने पिता ऋषि विश्रवा के पास गए।
 
Saying, 'My kingdom and all my wealth are not divided with you,' the treasurer Kubera went to his father, the sage Vishrava.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)