vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 7: उत्तर काण्ड
»
सर्ग 11: रावण का संदेश सुनकर पिता की आज्ञा से कुबेर का लङ्का को छोड़कर कैलास पर जाना, लङ्का में रावण का राज्याभिषेक तथा राक्षसों का निवास
»
श्लोक 34
श्लोक
7.11.34
अविभक्तं त्वया सार्धं राज्यं यच्चापि मे वसु।
एवमुक्त्वा धनाध्यक्षो जगाम पितुरन्तिकम्॥ ३४॥
अनुवाद
यह कहते हुए कि, 'मेरा राज्य और मेरी सारी संपत्ति आपके साथ विभाजित नहीं है,' कोषाध्यक्ष कुबेर अपने पिता ऋषि विश्रवा के पास गए।
Saying, 'My kingdom and all my wealth are not divided with you,' the treasurer Kubera went to his father, the sage Vishrava.
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas