श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 11: रावण का संदेश सुनकर पिता की आज्ञा से कुबेर का लङ्का को छोड़कर कैलास पर जाना, लङ्का में रावण का राज्याभिषेक तथा राक्षसों का निवास  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  7.11.23 
प्रहस्त शीघ्रं गच्छ त्वं ब्रूहि नैर्ऋतपुङ्गवम्।
वचसा मम वित्तेशं सामपूर्वमिदं वच:॥ २३॥
 
 
अनुवाद
उन्होंने कहा - 'प्रहस्त! तुम शीघ्र जाओ और मेरी आज्ञा के अनुसार शान्तिपूर्वक दैत्यराज धनपति कुबेर से यह बात कहो॥ 23॥
 
He said, 'Prahast! You go quickly and as per my instructions, tell this peacefully to the king of demons, Kubera, the lord of wealth.॥ 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)