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ramayan 7.11.20: प्रहस्त के ऐसा कहने पर दशग्रीव प्रसन्न हो गया और कुछ देर विचार करके बोला - 'बहुत अच्छा (जैसा आप कहेंगे वैसा ही करूँगा)'॥20॥   |   ramayan सर्ग 7.11: रावण का संदेश सुनकर पिता की आज्ञा से कुबेर का लङ्का को छोड़कर कैलास पर जाना, लङ्का में रावण का राज्याभिषेक तथा राक्षसों का निवास   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 11: रावण का संदेश सुनकर पिता की आज्ञा से कुबेर का लङ्का को छोड़कर कैलास पर जाना, लङ्का में रावण का राज्याभिषेक तथा राक्षसों का निवास  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  7.11.20 
एवमुक्तो दशग्रीव: प्रहृष्टेनान्तरात्मना।
चिन्तयित्वा मुहूर्तं वै बाढमित्येव सोऽब्रवीत्॥ २०॥
 
 
अनुवाद
प्रहस्त के ऐसा कहने पर दशग्रीव प्रसन्न हो गया और कुछ देर विचार करके बोला - 'बहुत अच्छा (जैसा आप कहेंगे वैसा ही करूँगा)'॥20॥
 
When Prahast said this, Dashagriva became pleased. After thinking for a while he said - 'Very good (I will do as you say)'॥ 20॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)