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ramayan 7.11.17: हे धर्म को जानने वाले वीर योद्धा! पहले यह सम्पूर्ण पृथ्वी पर्वत, वन और समुद्रों सहित दैत्यों के अधीन थी, क्योंकि वे अत्यन्त प्रभावशाली थे॥17॥   |   ramayan सर्ग 7.11: रावण का संदेश सुनकर पिता की आज्ञा से कुबेर का लङ्का को छोड़कर कैलास पर जाना, लङ्का में रावण का राज्याभिषेक तथा राक्षसों का निवास   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 11: रावण का संदेश सुनकर पिता की आज्ञा से कुबेर का लङ्का को छोड़कर कैलास पर जाना, लङ्का में रावण का राज्याभिषेक तथा राक्षसों का निवास  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  7.11.17 
दैत्यानां किल धर्मज्ञ पुरेयं सवनार्णवा।
सपर्वता मही वीर तेऽभवन् प्रभविष्णव:॥ १७॥
 
 
अनुवाद
हे धर्म को जानने वाले वीर योद्धा! पहले यह सम्पूर्ण पृथ्वी पर्वत, वन और समुद्रों सहित दैत्यों के अधीन थी, क्योंकि वे अत्यन्त प्रभावशाली थे॥17॥
 
‘O brave warrior who knows Dharma! Earlier this entire earth including mountains, forests and oceans was under the control of the demons because they were very influential.॥ 17॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)