श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 11: रावण का संदेश सुनकर पिता की आज्ञा से कुबेर का लङ्का को छोड़कर कैलास पर जाना, लङ्का में रावण का राज्याभिषेक तथा राक्षसों का निवास  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  7.11.16 
अदितिर्जनयामास देवांस्त्रिभुवनेश्वरान्।
दितिस्त्वजनयद् दैत्यान् कश्यपस्यात्मसम्भवान्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
‘अदिति से देवता उत्पन्न हुए, जो आज तीनों लोकों के स्वामी हैं और दिति से दैत्य उत्पन्न हुए। देवता और दैत्य दोनों ही महर्षि कश्यप के वैध पुत्र हैं।॥16॥
 
‘Aditi gave birth to the gods, who are at present the lords of the three worlds and Diti gave birth to the demons. Both the gods and the demons are the legitimate sons of Maharishi Kashyap.॥ 16॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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