Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.11.14: महाबाहु दशग्रीव! तुम्हें अपने नाना से जो कुछ कहा है, वह नहीं कहना चाहिए था; क्योंकि वीर पुरुषों में ऐसा भ्रातृभाव देखा नहीं जाता। कृपया मेरी बात सुनो॥14॥ | ramayan सर्ग 7.11: रावण का संदेश सुनकर पिता की आज्ञा से कुबेर का लङ्का को छोड़कर कैलास पर जाना, लङ्का में रावण का राज्याभिषेक तथा राक्षसों का निवास । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महाबाहु दशग्रीव! तुम्हें अपने नाना से जो कुछ कहा है, वह नहीं कहना चाहिए था; क्योंकि वीर पुरुषों में ऐसा भ्रातृभाव देखा नहीं जाता। कृपया मेरी बात सुनो॥14॥
Mahabahu Dashagriva! You should not have said what you have said to your maternal grandfather; because such brotherly feelings are not seen being observed among brave men. Please listen to me.॥ 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥