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श्लोक 7.109.9  |
ऋषयश्च महात्मान: सर्व एव महीसुरा:।
अन्वगच्छन् महात्मानं स्वर्गद्वारमपावृतम्॥ ९॥ |
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| अनुवाद |
| महात्मा ऋषि तथा सभी ब्राह्मण भी ब्रह्मलोक के खुले द्वार भगवान श्री राम के पीछे-पीछे चल पड़े। |
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| Mahatma Rishi and all the Brahmins also followed God Shri Ram who was the open door of Brahmalok. |
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