श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 107: वसिष्ठजी के कहने से श्रीराम का पुरवासियों को अपने साथ ले जाने का विचार तथा कुश और लव का राज्याभिषेक करना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  7.107.10 
वत्स राम इमा: पश्य धरणिं प्रकृतीर्गता:।
ज्ञात्वैषामीप्सितं कार्यं मा चैषां विप्रियं कृथा:॥ १०॥
 
 
अनुवाद
‘पुत्र श्री राम! पृथ्वी पर पड़े इन लोगों को देखो। इनके इरादे को समझो और उसके अनुसार कार्य करो। इन बेचारों की इच्छा के विरुद्ध जाकर उनकी भावनाओं को ठेस न पहुँचाओ।’॥10॥
 
‘Son Shri Ram! Look at these people lying on the earth. Know their intention and act accordingly. Do not hurt the feelings of these poor people by going against their wishes.'॥10॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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