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श्लोक 7.105.10  |
लक्ष्मणस्य वच: श्रुत्वा राम: कालं विसृज्य च।
नि:सृत्य त्वरितो राजा अत्रे: पुत्रं ददर्श ह॥ १०॥ |
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| अनुवाद |
| लक्ष्मण के वचन सुनकर राजा राम ने तुरन्त ही काल को विदा किया और बाहर जाकर अत्रिपुत्र दुर्वासा से मिले॥10॥ |
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| On hearing Lakshman's words, King Rama immediately bid farewell to Kaal and went out and met Atri's son Durvasa.॥ 10॥ |
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