Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.104.5-6: तत्पश्चात् आपने माया के द्वारा जल में रहने वाले विशाल फन और शरीर वाले 'अनंत' नामक सर्प को उत्पन्न किया और मधु और कैटभ नामक दो महाबली प्राणियों को जन्म दिया; उन दोनों की हड्डियों से भरकर पर्वतों सहित पृथ्वी तुरन्त प्रकट हुई, जिसका नाम 'मेदिनी' पड़ा॥5-6॥ | ramayan सर्ग 7.104: कालका श्रीरामचन्द्रजी को ब्रह्माजी का संदेश सुनाना और श्रीराम का उसे स्वीकार करना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् आपने माया के द्वारा जल में रहने वाले विशाल फन और शरीर वाले 'अनंत' नामक सर्प को उत्पन्न किया और मधु और कैटभ नामक दो महाबली प्राणियों को जन्म दिया; उन दोनों की हड्डियों से भरकर पर्वतों सहित पृथ्वी तुरन्त प्रकट हुई, जिसका नाम 'मेदिनी' पड़ा॥5-6॥
‘After this, by means of Maya, you created the serpent named 'Ananta', having a huge hood and body and residing in the water, and gave birth to two mighty beings, whose names were Madhu and Kaitabha; filled with the bones of these two, the earth with its mountains immediately appeared, which was called 'Medini'.॥ 5-6॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥