श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 103: श्रीराम के यहाँ कालका आगमन और एक कठोर शर्त के साथ उनका वार्ता के लिये उद्यत होना  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  7.103.14 
तथेति च प्रतिज्ञाय रामो लक्ष्मणमब्रवीत्।
द्वारि तिष्ठ महाबाहो प्रतिहारं विसर्जय॥ १४॥
 
 
अनुवाद
श्री राम ने 'तथास्तु' कहकर ऐसा करने की प्रतिज्ञा की और लक्ष्मण से कहा - 'महाबाहो! द्वारपाल को भेज दो और स्वयं दहलीज पर खड़े होकर पहरा दो।'
 
Shri Ram took a vow to do so saying 'Tathastu' and said to Lakshmana - 'Mahabaho! Send the gatekeeper away and stand on the threshold yourself and keep watch.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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