Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.101.8: इस प्रकार महात्मा भरत ने क्षण भर में तीन करोड़ गन्धर्वों का वध कर दिया। वे गन्धर्व कालपाश से बंध गए और संवर्तास्त्र से छिन्न-भिन्न हो गए। 8॥ | ramayan सर्ग 7.101: भरत का गन्धर्वों पर आक्रमण और उनका संहार करके वहाँ दो सुन्दर नगर बसाकर अपने दोनों पुत्रों को सौंपना और फिर अयोध्या को लौट आना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ते बद्धा: कालपाशेन संवर्तेन विदारिता:।
क्षणेनाभिहतास्तेन तिस्र: कोटॺो महात्मना॥ ८॥
अनुवाद
इस प्रकार महात्मा भरत ने क्षण भर में तीन करोड़ गन्धर्वों का वध कर दिया। वे गन्धर्व कालपाश से बंध गए और संवर्तास्त्र से छिन्न-भिन्न हो गए। 8॥
In this way, Mahatma Bharata killed three crore Gandharvas in a moment. Those Gandharvas were bound by Kaalpash and were torn apart by Samvartastra. 8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥