Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.101.14: दोनों महान शहरों की खूबसूरती देखने लायक थी। कई ऐसी चीज़ें उनकी खूबसूरती में चार चाँद लगा रही थीं, जिनका अभी तक कोई नाम नहीं रखा गया है। खूबसूरत घर और कई सात मंजिला इमारतें उन जगहों की खूबसूरती बढ़ा रही थीं। | ramayan सर्ग 7.101: भरत का गन्धर्वों पर आक्रमण और उनका संहार करके वहाँ दो सुन्दर नगर बसाकर अपने दोनों पुत्रों को सौंपना और फिर अयोध्या को लौट आना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उभे पुरवरे रम्ये विस्तरैरुपशोभिते।
गृहमुख्यै: सुरुचिरैर्विमानैर्बहुभिर्वृते॥ १४॥
अनुवाद
दोनों महान शहरों की खूबसूरती देखने लायक थी। कई ऐसी चीज़ें उनकी खूबसूरती में चार चाँद लगा रही थीं, जिनका अभी तक कोई नाम नहीं रखा गया है। खूबसूरत घर और कई सात मंजिला इमारतें उन जगहों की खूबसूरती बढ़ा रही थीं।
The beauty of both the great cities was worth seeing. Many such things added to their beauty, which have not been named yet. Beautiful houses and many seven-storeyed buildings were increasing the beauty of those places.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥