श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 100: केकयदेश से ब्रह्मर्षि गार्ग्य का भेंट लेकर आना और उनके संदेश के अनुसार श्रीराम की आज्ञा से कुमारों सहित भरत का गन्धर्व देश पर आक्रमण करने के लिये प्रस्थान  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  7.100.23 
भूतग्रामाश्च बहवो मांसभक्षा: सुदारुणा:।
गन्धर्वपुत्रमांसानि भोक्तुकामा: सहस्रश:॥ २३॥
 
 
अनुवाद
उस सेना के साथ हजारों अत्यन्त भयंकर मांसाहारी भूतगण गंधर्व पुत्रों का मांस खाने के लिए चले।23.
 
Thousands of extremely fearsome carnivorous ghosts went along with that army to eat the flesh of the Gandharva sons. 23.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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