Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 7.10.49: इस प्रकार वरदान पाकर वे तीनों महापुरुष भाई श्लेषमातक वन (लसोड़ा वन) में चले गए और वहाँ सुखपूर्वक रहने लगे॥ 49॥   |   ramayan सर्ग 7.10: रावण आदि की तपस्या और वर-प्राप्ति   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 10: रावण आदि की तपस्या और वर-प्राप्ति  »  श्लोक 49
 
 
श्लोक  7.10.49 
एवं लब्धवरा: सर्वे भ्रातरो दीप्ततेजस:।
श्लेष्मातकवनं गत्वा तत्र ते न्यवसन् सुखम्॥ ४९॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार वरदान पाकर वे तीनों महापुरुष भाई श्लेषमातक वन (लसोड़ा वन) में चले गए और वहाँ सुखपूर्वक रहने लगे॥ 49॥
 
Thus, after receiving boons, the three illustrious brothers went to the Sleshmataka forest (Lasoda forest) and began to live there happily.॥ 49॥
 
इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीये आदिकाव्ये उत्तरकाण्डे दशम: सर्ग: ॥ १ ०॥
इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदि काव्यके उत्तरकाण्डमें दसवाँ सर्ग पूरा हुआ ॥ १ ०॥
 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)