श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 10: रावण आदि की तपस्या और वर-प्राप्ति  »  श्लोक 26-27h
 
 
श्लोक  7.10.26-27h 
एवमुक्त्वा तु तं राम दशग्रीवं पितामह:॥ २६॥
विभीषणमथोवाच वाक्यं लोकपितामह:।
 
 
अनुवाद
श्रीराम! दशग्रीव से उपरोक्त बात कहकर लोकपितामह ब्रह्माजी ने विभीषण से कहा-॥ 26 1/2॥
 
Sriram! After saying the above thing to Dashagriva, Lokpitamah Brahmaji said to Vibhishan -॥ 26 1/2॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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