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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 10: रावण आदि की तपस्या और वर-प्राप्ति  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  7.10.17 
एवमुक्तस्तदा ब्रह्मा दशग्रीवमुवाच ह।
नास्ति सर्वामरत्वं ते वरमन्यं वृणीष्व मे॥ १७॥
 
 
अनुवाद
उसके ऐसा कहने पर ब्रह्माजी ने दशग्रीव से कहा, 'तुम पूर्णतः अमरता प्राप्त नहीं कर सकते; अतः कोई अन्य वर मांगो।'
 
Upon his saying this, Lord Brahma said to Dashagriva, 'You cannot get immortality completely; therefore ask for some other boon.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)