श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 1: श्रीराम के दरबार में महर्षियों का आगमन, उनके साथ उनकी बातचीत तथा श्रीराम के प्रश्न  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  7.1.25 
युद्धोन्मत्तश्च मत्तश्च कालान्तकयमोपमौ।
यज्ञकोपश्च बलवान् धूम्राक्षो नाम राक्षस:॥ २५॥
 
 
अनुवाद
प्रलयकाल के नाश करने वाले यमराज के समान भयंकर युद्धोन्मादी और मतवाले लोग भी काल की गोद में चले गए। बलवान यज्ञकोप और धूम्राक्ष नामक राक्षस भी यमलोक के अतिथि हुए ॥25॥
 
Like Yamraj, the destroyer of the Doomsday, the terrible battle-mad and drunken people also went into the lap of time. The powerful Yagyakop and the demon named Dhumraksh also became guests of Yamalok. 25॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)