श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 1: श्रीराम के दरबार में महर्षियों का आगमन, उनके साथ उनकी बातचीत तथा श्रीराम के प्रश्न  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  7.1.13 
दृष्ट्वा प्राप्तान् मुनींस्तांस्तु प्रत्युत्थाय कृताञ्जलि:।
पाद्यार्घ्यादिभिरानर्च गां निवेद्य च सादरम्॥ १३॥
 
 
अनुवाद
(आज्ञा पाकर द्वारपाल गया और सबको साथ ले आया।) उन महर्षियों को उपस्थित देखकर श्रीराम हाथ जोड़कर खड़े हो गए। फिर उन्होंने जल और जल से आदरपूर्वक उनका पूजन किया। पूजन से पूर्व उन्होंने उनमें से प्रत्येक को एक-एक गौ भेंट की॥13॥
 
(After receiving the order, the gatekeeper went and brought everyone along.) Seeing those great sages present, Shri Ram stood with folded hands. Then he worshipped them respectfully with water and water. Before worshipping them, he presented a cow to each of them.॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)