| श्रीमद् वाल्मीकि रामायण » काण्ड 6: युद्ध काण्ड » सर्ग 99: श्रीराम और रावण का युद्ध » श्लोक 48-49h |
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| | | | श्लोक 6.99.48-49h  | ते रावणशरा घोरा राघवास्त्रसमाहता:॥ ४८॥
विलयं जग्मुराकाशे जघ्नुश्चैव सहस्रश:। | | | | | | अनुवाद | | श्री रघुनाथजी के आग्नेयास्त्र से प्रभावित होकर रावण के वे भयंकर बाण आकाश में लुप्त हो गए, फिर भी उनसे हजारों वानर मारे गए॥48 1/2॥ | | | | Those fierce arrows of Ravana, hit by the fire weapon of Shri Raghunathji, disappeared in the sky, yet thousands of monkeys were killed by them. 48 1/2॥ | | ✨ ai-generated | | |
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