| श्रीमद् वाल्मीकि रामायण » काण्ड 6: युद्ध काण्ड » सर्ग 99: श्रीराम और रावण का युद्ध » श्लोक 22 |
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| | | | श्लोक 6.99.22  | स राघवं समासाद्य क्रोधसंरक्तलोचन:।
व्यसृजच्छरवर्षाणि रावणो राक्षसेश्वर:॥ २२॥ | | | | | | अनुवाद | | श्री रघुनाथजी के पास जाकर राक्षसराज रावण क्रोध से लाल-लाल आँखें करके उन पर बाणों की वर्षा करने लगा। | | | | Going near Shri Raghunathji, the demon king Ravana, his eyes turning red with anger, started showering arrows upon him. | | ✨ ai-generated | | |
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