श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 98: अङ्गद के द्वारा महापार्श्व का वध.  »  श्लोक 4-5h
 
 
श्लोक  6.98.4-5h 
तेऽर्दिता बाणवर्षेण महापार्श्वेन वानरा:॥ ४॥
विषादविमुखा: सर्वे बभूवुर्गतचेतस:।
 
 
अनुवाद
महापार्श्व के बाणों की वर्षा से बहुत से वानर व्याकुल होकर युद्ध से विमुख हो गए। वे सब-के-सब मूर्च्छित हो गए।
 
Many monkeys were afflicted by Mahaparsva's shower of arrows and turned away from the battle. All of them lost their consciousness. 4 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)