vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 6: युद्ध काण्ड
»
सर्ग 98: अङ्गद के द्वारा महापार्श्व का वध.
»
श्लोक 15-16h
श्लोक
6.98.15-16h
स तु क्षिप्तो बलवता परिघस्तस्य रक्षस:॥ १५॥
धनुश्च सशरं हस्ताच्छिरस्त्राणं च पातयत्।
अनुवाद
महाबली योद्धा अंगद द्वारा चलाए गए महापार्श्व राक्षस के सिर से बाणों सहित धनुष और मुकुट गिर पड़े ॥15 1/2॥
The bow with arrows and the helmet fell from the head of the mighty demon Mahaparshva, driven by the mighty warrior Angad. 15 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×