श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 97: सुग्रीव के साथ महोदर का घोर युद्ध तथा वध  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  6.97.10 
ततस्ते वानरा: सर्वे राक्षसैरर्दिता भृशम्।
दिशो दश द्रुता: केचित् केचित् सुग्रीवमाश्रिता:॥ १०॥
 
 
अनुवाद
राक्षसों से पीड़ित होकर वे सभी वानर चारों ओर भागने लगे। उनमें से अनेकों ने सुग्रीव की शरण ली।
 
All those monkeys, tormented greatly by the demons, began to flee in all directions. Many took refuge with Sugreeva.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)