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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 96: सुग्रीव द्वारा राक्षस सेना का संहार और विरूपाक्ष का वध  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  6.96.4 
प्लवंगानामनीकानि महाभ्राणीव मारुत:।
संययौ समरे तस्मिन् विधमन् रावण: शरै:॥ ४॥
 
 
अनुवाद
जिस प्रकार वायु विशाल बादलों को छिन्न-भिन्न कर देती है, उसी प्रकार रावण युद्धभूमि में अपने बाणों से वानर सेनाओं का संहार करता हुआ विचरण करता था।
 
Just as the wind breaks up huge clouds, similarly Ravana moved about in the battlefield, killing the monkey armies with his arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)