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ramayan 6.96.3: दैत्यराज के तीखे बाणों के प्रहार से पीड़ित होकर वे वानर उसी प्रकार चीखते-चिल्लाते हुए भाग गए, जैसे दावानल की लपटों से घिरे हुए हाथी चीखते हुए भागते हैं।   |   ramayan सर्ग 6.96: सुग्रीव द्वारा राक्षस सेना का संहार और विरूपाक्ष का वध   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 96: सुग्रीव द्वारा राक्षस सेना का संहार और विरूपाक्ष का वध  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  6.96.3 
तेऽर्दिता निशितैर्बाणै: क्रोशन्तो विप्रदुद्रुवु:।
पावकार्चि: समाविष्टा दह्यमाना यथा गजा:॥ ३॥
 
 
अनुवाद
दैत्यराज के तीखे बाणों के प्रहार से पीड़ित होकर वे वानर उसी प्रकार चीखते-चिल्लाते हुए भाग गए, जैसे दावानल की लपटों से घिरे हुए हाथी चीखते हुए भागते हैं।
 
Suffering from the attack of the sharp arrows of the King of Demons, the monkeys ran away shrieking and screaming, just as burning elephants run screaming when surrounded by the flames of a forest fire.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)