श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 96: सुग्रीव द्वारा राक्षस सेना का संहार और विरूपाक्ष का वध  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  6.96.17 
सोऽतिविद्ध: शितैर्बाणै: कपीन्द्रस्तेन रक्षसा।
चुक्रोश च महाक्रोधो वधे चास्य मनो दधे॥ १७॥
 
 
अनुवाद
उस राक्षस के तीखे बाणों से अत्यन्त घायल होकर वानरराज सुग्रीव ने बड़े क्रोध से गर्जना की और विरुपाक्ष को मार डालने का विचार किया॥17॥
 
The monkey king Sugriva, deeply injured by the sharp arrows of that demon, roared with great anger and thought of killing Virupaksha. 17॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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